Meaning of Gunchaa

गुरुवार, फ़रवरी 09, 2012

कुछ मैं लिखना चाहता हूँ


कुछ मैं लिखना चाहता हूँ

पर लिख नहीं पाता हूँ 

फिर अपनी कलम उठाता हूँ

एक गहरी सांस भरता हूँ

आँखों को मूँद लेता हूँ

कुछ ख्यालों में फिर मैं खो जाता हूँ

उन रंगों का केवल मैं आभास कर पता हूँ

उस चेहरे को केवल मैं ख्वाबों में ही देख पाता हूँ

उस ख्याल को ज्यों ही मैं कागज़ पे उतारना चाहता हूँ

फिर एक पल मैं थम जाता हूँ

कुछ मैं लिखना चाहता हूँ

पर लिख नहीं पता हूँ


-मनप्रीत

2 टिप्‍पणियां:

Rajnish ने कहा…

क्या बात है. बहुत अच्छा...
www.rajnishonline.blogspot.com

मिश्री की डली ज़िंदगी हो चली ने कहा…

beautiful